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Whatsapp की प्राइवेसी पॉलिसी की 15 मई की समयसीमा समाप्त, आपका अकाउंट नहीं होगा बंद

नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप ने अपनी विवादित प्राइवेसी पॉलिसी की समयसीमा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। यानी कि आने वाली 15 मई की समयसीमा को समाप्त कर दिया है। अब वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को स्वीकार नहीं करने पर भी आपका वॉट्सऐप अकाउंट 15 मई को बंद नहीं होगा।

कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा है कि जो यूजर्स उसकी नई निजता नीति की शर्तें स्वीकार नहीं करते हैं उन्हें वह अगले कई सप्ताह तक इस संबंध में याद दिलाता रहेगा, लेकिन अकाउंट को बंद नहीं किया जाएगा। फिलहाल, कंपनी ने प्राइवेसी पॉलिसी को लागू होने की नई तारीखों का ऐलान नहीं किया है।

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वॉट्सऐप के अनुसार, यूजर्स को रिमाइंडर भेजने की यह प्रक्रिया अगले कुछ सप्ताह तक जारी रहेगी। बता दें कि पहले यह नई प्राइवेसी पॉलिसी 8 फरवरी से लागू होनी थी, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद इसे 15 मई के लिए टाल दिया था। अब एक बार फिर से वॉट्सऐप ने इस डेडलाइन को भी टाल दिया है।

क्या है वॉट्सऐप की नई पॉलिसी?

आपको बता दें कि इससे पहले WhatsApp ने यह स्पष्ट कर दिया था कि यदि कोई यूजर इस पॉलिसी को स्वीकार नहीं करता है, तो उसका अकाउंट बंद कर दिया जाएगा। यानी उस अकाउंट पर न कोई मैसेज आएगा और न मैसेज भेजा जा सकेगा। कंपनी ने स्पष्ट कहा था कि इस बार इस पॉलिसी को नहीं टाला जाएगा।

कंपनी ने कहा था कि यदि यूजर्स नई पॉलिसी एक्सेप्ट नहीं करते हैं, तो उनका अकाउंट 120 दिनों के बाद अपने आप बंद हो जाएगा। नई पॉलिसी को लेकर कंपनी यूजर्स को नोटिफिकेशन भी दे रही है। मालूम हो कि कंपनी के नई पॉलिसी के मुताबिक, वॉट्सऐप यूजर जो कंटेंट अपलोड, सबमिट, स्टोर, सेंड या रिसीव करते हैं, कंपनी उसका इस्तेमाल कहीं भी कर सकती है। कंपनी उस डेटा को शेयर भी कर सकती है। साथ ही व्हाट्सऐप अब अपनी पैरेंट कंपनी फेसबुक के साथ ज्यादा डेटा शेयर करने की योजना बना रही थी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 13 मई तक मांगा जवाब

आपको बता दें कि वॉट्सऐप के नई प्राइवेसी पॉलिसी के खिलाफ व्यापक विरोध किया गया था, जिसके बाद यह मामला कोर्ट पहुंच गया। दिल्ली हाईकोर्ट में वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसपर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के साथ फेसबुक और वॉट्सऐफ से भी जवाब मांगा है। फेसबुक, वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी है। चीफ जस्टिस डी एन पटेल और जस्टिस जसमीत सिंह की बेंच इस पर सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने इन्हें 13 मई तक याचिका पर अपना पक्ष रखने को कहा है।



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